रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में शासकीय क्षेत्र में फूड इररेडियेशन पार्क (खाद्य पदार्थों का किरणन) की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है. उन्होंने शासन स्तर भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से छत्तीसगढ़ में गोबर से विद्युत उत्पादन तथा फूड इररेडियेशन प्लांट की टेक्नालॉजी हस्तांतरण के लिए से जा रही पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे राज्य के किसानों को उनके उत्पाद का और अधिक लाभ दिलाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेता पशुपालकों, गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 3 करोड़ 93 लाख रुपए ऑनलाइन अंतरित करते हुए पशुपालकों, गौठान समितियों एवं समूह की महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी.
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मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठानों में आश्रित ग्रामों के पशुपालक ग्रामीणों से भी गोबर की खरीदी किए जाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठानों में संचालित गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए एनआईसी द्वारा विकसित गौठान मैप ऐप का भी शुभारंभ किया. कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत ने गोधन न्याय योजना की प्रगति के संबंध में पॉवर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन दिया. उन्होंने भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से छत्तीसगढ़ में गोबर से विद्युत उत्पादन एवं फूड इररेडियेशन प्लांट की तकनीकी हस्तांतरण की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में पहला फूड इररेडियेशन प्लांट शासन द्वारा स्थापित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि फूड इररेडियेशन प्लांट की टेक्नालॉजी को अमेरिका, यूरोप के कई देशों में मान्यता दी है. छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाले फूड इररेडियेशन प्लांट की खाद्य सामग्री सीधे विदेशों को सप्लाई की जाएगी.
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