बागबाहरा. देश में एक ओर सभी वर्ग के लोग दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार मनाने की तैयारी में लगे हुए थे वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत बागबाहरा के सबसे बड़ी ग्राम पंचायत गांजर सरपंच पानो बाई कपिल नाथ के खिलाफ ठीक धनतेरस के दिन 15 पंचों ने अनियमितता और उदासीनता का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव के लिए बागबाहरा अनुविभागीय दंडाधिकारी के कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर रहे थे. ग्राम पंचायत गांजर में कुल 17 पंच एवं सरपंच सहित सदस्य संख्या 18 है. 17 पंचों में से 15 पंच अविश्वास प्रस्ताव लाने का आवेदन एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत कर रहे थे. एसडीएम ने पंचों की शिकायत पर 12 नवंबर को जांच और हस्ताक्षर मिलान कराया.
पश्चात अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तिथि 17 नवंबर को निर्धारित करते हुए चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी के रुप में नायब तहसीलदार गगन शर्मा और जनपद पंचायत के करारोपण अधिकारी क्षीरसागर पटेल को पुलिस बल के सांथ नियुक्त किया. नियत तिथि को पीठासीन अधिकारी ने ग्राम पंचायत भवन गांजर में सुबह 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई प्रारंभ की. जहां 11 पंचों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सम्मिलन में भाग लिया वहीं 5 पंचों ने अविश्वास के खिलाफ तटस्थ रहते हुए सरपंच के पक्ष में रहकर अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई में भाग नहीं लिए. सरपंच पानोबाई को पद से हटाने के लिए खुद को विधानसभा का दावेदार मानने वाले भाजपा और कांग्रेस के नेता कमर कस कर भीड़े थे. उन नेताओं के मंसूबो पर दलित सरपंच और सरपंच पक्ष के पंचों ने पानी फेर कर रख दिया है.
सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले 15 पंचों में से मात्र 11 पंच ही उपस्थित हुए. सरपंच के पक्ष में अविश्वास की कार्रवाई में एक पंच आनंदराम साहू ने सम्मिलन में भाग लिया. अविश्वास लाने वाले पंच अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई में उपस्थित तो हुए पर वे मतदान करने के पहले मैदान छोड़कर चले गए. गांजर के पंचों व्दारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव नियमतः ध्वस्त हो गया. सरपंच पानोबाई को अविश्वास से बचाने के लिए ग्राम पंचायत गांजर के जूझारू भाजपा नेता एवं पंच आनंदराम साहू ने पूरी बागडोर अपने कंधे पर लेकर कुशल रणनीति के चलते निर्दोष पानोबाई को सरपंच पद पर बरकरार रखने में कामयाब हुए.
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दो कार्यकाल की गड़बड़ी की जांच की जाए अन्यथा अनिश्चितकालीन धरना
आनंदराम साहू ने कहा है कि कुछ पंच अपने निजी स्वार्थ के चलते सरपंच को पद से हटाने अभियान चला रहे थे. इस कृत्य से पंचायत के विकास कार्य अवरुद्ध हो गया. साहू ने कहा विध्वंसकारी लोगों के कारण विकास कार्य ठप्प पड़ा है. एक बकरी चराने वाली मजदूर वर्ग की महिला सरपंच बन गई है उसे सहयोग करने के बजाए कुछ लोग टांग खींचने में लगे हुए हैं. उन्होने कहा कि गांजर के विगत दो कार्यकाल में व्यापक भ्रष्टाचार किया गया है जिसकी शिकायत की गई. शिकायत जांच करने वाले करारोपण अधिकारी दोषियों को बचाने उच्चाधिकारियों को गलत जांच रिपोर्ट सौंपकर भ्रष्टाचार में पर्दा डालने का कृत्य किया है जबकि आरटीआई के तहत निकाले गए सारे साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है.
आनंद राम साहू ने उच्चाधिकारी से आग्रह करते हुए कहा है कि गांजर के दो पंचवर्षीय कार्यकाल के सम्पूर्ण आय व्यय की उचित जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकारी राशि में की गई गड़बड़ी की वसूली की जाए साथ ही गलत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले जांच अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए. उन्होने कहा कि बाजार ठेका की राशि सहित केन्द्र सरकार से मिलने वाली मूलभूत राशि 12वें, 13वें, 14वें वित्त मद की राशि में बेताहाशा गड़बड़ी की गई है. साहू ने कहा यदि ग्राम पंचायत गांजर के विगत दो कार्यकाल की गड़बड़ी की जांच नहीं की जाती है तो वे जनपद पंचायत बागबाहरा कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना देने बाध्य होंगे.
झूठा आरोप लगाया उन्हें मुंह की खानी पड़ी : सरपंच
सरपंच पानोबाई ने कहा मुझ पर लगाए गए सारे आरोप गलत और मिथ्या तथा मनगढ़त बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा गांजर के दो पूर्व सरपंचों द्वारा सरकारी राशि में भारी आर्थिक अनियमितता की गई है उस अनियमितता को दबाए रखने मुझ पर दबाव डाला जाता रहा है. मैं उन पूर्व सरपंचों की बात नहीं मानी इसलिए मुझे पद से हटाना चाहते हैं. सरपंच पानोबाई ने कहा आज सच्चाई की जीत हुई है और जिन्होंने बदनाम करने की नीयत से मुझ पर झूठा आरोप लगाया है उन्हें मुंह की खानी पड़ी है.
पानोबाई ने कहा मुझ पर विश्वास व्यक्त करने वाले पंचों का मैं आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ. साथ ही मुझे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग करने वाले गांजर के सभी नागरिकों का मैं आभार व्यक्त करती हूँ. पानोबाई ने कहा है कि मैं पद पर रहते हुए पूर्व की भांति पूरी ईमानदारी से गांजर के विकास के लिए काम करती रहूंगी. मैं सभी पंचों से आग्रह करती हूँ कि वे सभी गीलाशिकवा दूरकर पंचायत के विकास में मुझे सहयोग करें. वहीं अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में पीठासीन अधिकारी गगन शर्मा ने बताया कि गांजर का अविश्वास प्रस्ताव स्थगित की गई है. चुनाव प्रक्रिया का प्रतिवेदन सक्षम अधिकिरी अनुविभागीय दण्डाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है. अंतिम निर्णय अधिकारी को लेना है.
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