रजिंदर खनूजा
पिथौरा. क्षेत्र में अवर्षा के कारण अब धीरे-धीरे सूखे, अकाल के हालात बनते जा रहे हैं. कृषि विभाग के अनुसार अब तक करीब 10 फीसदी खरीफ फसल सूखे की चपेट में आ चुकी है. यदि इस सप्ताह भी बारिश नहीं हुई तो यह आंकड़ा 50 फीसदी तक पहुंच सकता है. क्षेत्र के कुछ ग्रामों के दौरे के बाद आमतौर पर अधिकांश खेतों में धान की हरियाली तो दिखाई दे रही है पर नीचे खेत की जमीन में दरार दिखाई दे रही है. किसान अब भी निराश भाव से प्रतिदिन शाम को उमड़ते-घुमड़ते बादल को निहारते यह उम्मीद लगाते हैं कि आज बारिश होगी और उनके खेतों की प्यास बुझेगी पर प्रतिदिन ये बादल किसानों को धोखा देकर वापस चले जाते हैं. वहीं कुछ सप्ताह पूर्व रोप गए धान के पौधे अब पूरी तरह सूख कर पीले पड़ चुके हैं. इन पौधों का दोबारा हरा होना मुश्किल प्रतीत होता है.
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सिंचित खेतों में भी पर्याप्त बढ़त नहीं
इसके अलावा सिंचित भूमि में भी रबी की तरह बढ़त नहीं दिखाई दे रही. इसका मुख्य कारण खाद का पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होना भी बताया जा रहा है. इन खेतों में पानी तो है पर ट्यूबवेल से सिंचाई के बाद अत्यधिक मात्रा में पानी जमीन में जा रहा है जिससे रबी में पानी में डूबे खेत अब वर्षा ऋतु होने के बाद भी अत्यधिक पानी मांग रहे हैं.
सिंचित किसान ही बचा रहे फसल : अंकित
बागबाहरा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अंकित बागबाहरा ने बताया कि अल्प वर्षा के चलते फसल चौपट होने की स्थिति आ गई है, मात्र साधन संपन्न किसान ही अपनी फसल को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं पर अन्य किसानों के सामने भारी संकट आ खड़ी हुई है. इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने खट्टाडीही, भदरसी, गांजर, तुपकबोरा, नरतोरी, सेनभाटा, खेमड़ा, सिमगांव, साल्हेभाटा आदि गांवों का दौरा कर किसानों से चर्चा की. इस दौरान जगमोहन चन्द्राकर जनपद सदस्य, सरपंच खेमराज ठाकुर, उपसरपंच कुमार चक्रधारी, पूर्व सरपंच ललित बया, संतोष चन्द्राकर, मोहन ध्रुव, जितेंद चन्द्राकर, मनराखन ध्रुव, दीपक नाग, लक्षमण यादव, खोमन चन्द्राकर, बुधराम यादव, रूपराम धीवर, उम्मेंदी चन्द्राकर, द्वारका चन्द्राकर, केजूराम धीवर, ठाकुर राम बरिहा, जगत बरिहा, नैनसिंह चक्रधारी,
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हेमलाल चक्रधारी, घनश्याम चन्द्राकर, गिरधारी साहू (कोचर्रा), चंद्रिका चक्रधारी, खाम सिंह चक्रधारी, साधुराम निषाद, कार्तिक चक्रधारी, दीनूराम साहू, गोवर्धन बया, अर्जुन पटेल, रामखिलावन निषाद, रायपुरिया निषाद, इंदल पांडे, गेंदलाल ठाकुर, सुखदेव चक्रधारी, प्रीतम साहू, मनोज निषाद, लखन ठाकुर, मनीराम साहू, लक्ष्मीनारायण दीवान, सेवाराम साहू, गणेश सिन्हा, हीरासिंह ठाकुर, उमेश दीवान आदि उपस्थित थे. अंकित ने बताया कि कई किसान थरहा सुरक्षित रखे हैं पर पानी के अभाव में रोपा नहीं लगवा पाए हैं. अल्प वर्षा के चलते असिंचित फसलें पीली पड़ चुकी है जिसका की मरना तय है. अल्पवर्षा के चलते वाटर लेवल नीचे जाता जा रहा है. अंकित ने बताया कि सबसे गंभीर समस्या खट्टाडीही के जीवन ठाकुर के खेत में दिखी.







