गरियाबंद. भेजीपदर गांव में सास-ससुर ने एक नई मिसाल पेश की है. केशरराम सिन्हा ने विधवा बहू का रीति-रिवाज से विवाह करवाकर बेटी की तरह विदाई दी तो शादी मंडप में मौजूद सभी भावुक हो गए. बहू का 5 साल का एक बेटा भी है. जिस व्यक्ति से उनकी बहू की शादी हुई है, उनकी पहली पत्नी लकवा के कारण बिस्तर पर रहती है तथा उनकी भी 12 साल की एक बेटी है. इस शादी की क्षेत्र में चर्चा इसलिए भी है कि इसमें दूल्हे की पहली पत्नी, विधवा बहू और दोनों के परिजन सहमत हैं. नई बहू ने अपने पति की पहली पत्नी की सेवा का संकल्प भी लिया है. दरअसल, केशरराम सिन्हा के बेटे की 5 साल पहले मौत हो गई थी.
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सामाजिक पदाधिकारियों की पहल ने विधवा बहू की उजड़ी जिंदगी में बहार ला दी. बुधवार को भेजीपदर निवासी केशरराम सिन्हा ने अपने 30 वर्षीय विधवा बहू लक्ष्मी का विवाह कांकेर के सरोना निवासी चित्रसेन सिन्हा से सम्पन्न कराया. बहू को ससुर केशर व उनकी सास ने बेटी की तरह विदा किया. मौके पर मौजूद समाज प्रमुख पुनीत सिन्हा, तुलेश्वर सिन्हा, विजय, भोजराज, पूरन, दिलीप, खेमराज समेत पूरे सामाजिक लोगों ने आशीर्वाद दिया. ससुर केशर सिन्हा ने कहा कि समाज ने इस नेक काम की सहमति देकर बेटी लक्ष्मी को नई जिंदगी दी है.
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