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जनप्रतिनिधि के इशारे पर किसानों को जबरिया थमाया जा रहा फेरो पॉवर!

Published on: July 10, 2021
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सौरभ गोयल

महासमुंद/सरायपाली. कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को यूरिया, डीएपी, सुपर फास्फेट के साथ फेरो पॉवर नामक अलग से रासायनिक खाद जबरिया थमाए जाने का मामला सामने आया है. इस खाद को सप्लाई करने वाली फर्म से जुड़े ने महासमुंद के एक सफेदपोश जनप्रतिनिधि के इशारे में यह कार्य संपादित होने का दंभ भरा है. कई किसानों ने इस खाद वितरण का विरोध भी किया है. किसानों को जिस फेरो पॉवर खाद जबरन दिया जा रहा था उस खाद की न तो उपयोगिता के बारे में उन्हें पता है न ही उसका सही कीमत का पता है. फेरो पॉवर खाद के वितरण का मामला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पिरदा के अंतर्गत संचालित पथरला, जाड़ामुड़ा, आरंगी सहित सरायपाली और तोरेसिंहा ब्रांच अंतर्गत सहकारी समितियों में सामने आया है.

समितियों का कहना है कि ऊपर से किसानों को वितरण के लिए इसे भेजा गया है इसलिए किसानों को वितरण किया जा रहा था. वहीं किसानों का कहना है कि उन्हें इस खाद को जबरन दिया जा रहा है. मना करने पर यूरिया डीएपी खाद नहीं दिए जाने की धमकी दी जाती है. किसानों का कहना है कि इस मामले की जांच करने पर बड़े स्तर पर कमीशनखोरी का मामला भी उजागर हो सकता है. फिलहाल, मामला को तूल पकड़ते देख कृषि विभाग ने कुछ एक समितियों में दबिश देकर वितरण के लिए पहुंचे इस फेरो पावर खाद को जब्त किया है. जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से इन दिनों किसानों को ऋण के तहत रासायनिक खाद का वितरण किया जा रहा है. यूरिया, डीएपी, सुपर फास्फेट, पोटाश आदि खाद का वितरण किसानों की मांग के अनुरूप किया जाता है.

पर इस साल कुछ समितियों में फेरो पावर के नाम से जिस खाद को जबरन किसानों को दिया जा रहा है उसकी उपयोगिता व गुणवत्ता से भी किसान अनभिज्ञ हैं. जब मामले की पड़ताल की तो पता चला है कि पथरला, जाड़ामुड़ा, आरंगी सहित सरायपाली और तोरेसिंहा ब्रांच की अधिकांश समितियों में फेरो पॉवर नामक खाद वितरण हेतु पहुंचा है. कई किसानों ने इस खाद को लेने से इंकार कर दिया है. ग्राम बम्हनी के किसान नीलमणि बारीक ने बताया कि आरंगी सहकारी समिति में भी किसानों को इस खाद का वितरण किया जा रहा था. उनके सामने ही इस खाद वितरण को लेकर कई किसानों ने विरोध भी किया है. किसानों ने इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को भी दी थी.

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लौह सामग्री बेचने के लिए पंजीकृत फर्म ने ही खाद की कर दी आपूर्ति

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति जाड़ामुड़ा पंजीयन क्रमांक 850 को कृषि विकास केंद्र भिलाई द्वारा जारी बिल इस प्रतिनिधि को हाथ लगी है. जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. एंगल, चैनल, एमएस पाइप, टीएमटी, स्टील एवं लौह सामग्री विक्रय के लिए पंजीकृत भिलाई-3 स्थित फर्म द्वारा ही खाद की आपूर्ति की गई है. उक्त फर्म द्वारा किसके ऑर्डर से एवं किस नियम के तहत समितियों को फेरो पावर खाद की आपूर्ति की गई है यह जांच का विषय हो सकता है. उनके द्वारा दिए गए बिल में जाड़ामुड़ा समिति को 200 नग 650 रुपए की दर से फेरो पॉवर खाद की आपूर्ति की गई है. बिल में कुल राशि का भी उल्लेख नहीं किया गया है.

उनके द्वारा ऐसे और भी कितनी समितियों को इस खाद का वितरण किया गया है, यह जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा. पर जो नियम कहता है उसके तहत संबधित फर्म और समिति दोनों को इसके विक्रय के लाइसेंस विभागीय अनुमति सहित ओ फार्म एवं कृषि दवाईयों के लिए स्त्रोत प्रमाण पत्र (पीसी) की जरूरत होती है. लेकिन इस प्रकरण में विक्रय करने वाली फर्म के पास यह उपलब्ध नहीं है. बिना अनुमति के सहकारी समिति में दबावपूर्वक किसानों को फेरो पॉवर खाद थमाने की जानकारी के बाद भी कृषि विभाग और उपपंजीयक सहकारी संस्थाएं महासमुंद की चुप्पी मामले में कमीशनखोरी की ओर इशारा कर रही है.

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कमीशनखोरी का खेल

सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सरकार बिना ब्याज पर ऋण मुहैया करा रही है इसलिए किसान बड़ी संख्या में समितियों से जुड़कर ऋण के रूप में खाद बीज नगद ले रहे हैं और ऋण का भुगतान धान खरीदी के समय करते हैं. किसानों को खाद के रूप में यूरिया, डीएपी, पोटाश, सुपर फास्फेट खाद का वितरण किया जाता है. पिछले वर्षों से देखा गया कि कुछ कंपनियों द्वारा कृषि दवाइयों एवं अन्य खाद का वितरण भी किया जा रहा है. इस साल किसानों को फेरो पॉवर नाम का खाद का वितरण हेतु भेजा गया है. किसानों का मानना है कि औने पौने दाम की खाद को ऊंचे दाम पर बेचकर जहां किसानों को कर्ज के दलदल में धकेल रहे हैं वहीं ऊंचे ओहदे पर बैठे लोग अपनी जेब गर्म करने में लगे हुए हैं.

किसानों का यह भी कहना है कि इस खाद वितरण में उच्च स्तर पर कमीशनखोरी का खेल भी चल रहा है. किसानों का यह भी कहना है कि जब यह खाद उतना ही अच्छा है तो इसका वितरण पूरे राज्य में होना चाहिए. इस तरह के खाद की गुणवत्ता की परीक्षण उपरांत ही किसानों को विश्वास में लेकर वितरण किया जाना चाहिए. कृषि एवं उर्वरक निरीक्षक बृजेश तुरकाने दौरे में पिरदा की ओर गए थे. जहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति जाड़ामुड़ा पंजीयन क्रमांक 850 में उनकी टीम ने 200 बाल्टी फेरो खाद की जब्ती की है. एक-दो समितियों में और कार्रवाई की बात सामने आ रही है पर विभाग के अफसर विक्रय फर्म को सफेदपोश के इशारे में बचाने के लिए कुछ भी कहने से बच रहे हैं.

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मैं खाली मोहरा हूं दूसरे के इशारे में यह हो रहा है.
अमर मेघवानी, कृषि विकास केंद्र भिलाई
सभी समितियों का चालान पटाया हूं पर सभी जगह सप्लाई नहीं किया हूं. लाइसेंस लिया हूं पीसी नहीं जुड़ा है. मेरे बारे में पता कर लीजिए महासमुंद सरपंच संघ का अध्यक्ष हूं.
वीरेन्द्र चंद्राकर, महासमुंद
मुझे नहीं मालूम.
एसआर डोंगरे, प्रभारी उपसंचालक कृषि महासमुंद
प्रदेश की मौजूदा सरकार नकली खाद, बीज और नकली कृषि दवाइयों की संरक्षक बनी हुई है. मामले में संबंधित विक्रय फर्म के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध होना चाहिए और किसानों को इनसे सतर्क रहना चाहिए. विधानसभा में मामले को ध्यानाकर्षण में लाया जाएगा.
धरमलाल कौशिक, नेता प्रतिपक्ष
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