खरसिया. सरकार द्वारा गांव-गांव में गौठान निर्माण की बात ही तो की जाती है, परंतु वास्तविकता इससे विपरीत देखी जा रही है. प्रचार-प्रसार एवं दिखावा भले ही बढ़-चढ़कर किया जाए, लेकिन सड़कों पर आवारा घूमते गोवंश सारी वास्तविकता को बयां कर देते हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग 49 ऐसा कोई वक्त नहीं होता जब सड़कों पर सैकड़ों मवेशियों का जमावड़ा ना देखा जा सके. यह तय कर पाना कठिन है कि यह गोवंश आवारा हैं या इनके मालिक ही इन्हें छोड़ देते हैं.
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इस तरह आवारा घूमते मवेशियों के दल को देखकर मवेशी तस्कर इस क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं. वहीं भारी बारिश के बीच सड़कों को ही अपना घर बनाकर रहने वाले इस गोवंश को आए दिन राजमार्ग में तेज रफ्तार से आने वाली गाड़ियों का शिकार होकर जान गंवानी पड़ती है. ऐसा आलम पूरे क्षेत्र में देखा जा सकता है. राजमार्ग हो या ग्रामीण अथवा शहरी सड़कें, हर जगह मवेशियों का जमावड़ा होता है. वहीं सरकार द्वारा गौठान तथा रोका-छेका के चोंचलों से अखबारों के पन्ने पटे हुए मिलते हैं.
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