नई दिल्ली. मशहूर उड़िया गायिका और प्लेबैक सिंगर पार्श्व गायिका टप्पू मिश्रा का शनिवार रात 11 बजे निधन हो गया. उन्हें एक निजी अस्पताल में कोरोना के बाद होने वाली दिक्कतों का इलाज चल रहा था. टप्पू पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर के सपोर्ट पर थीं. टप्पू मिश्रा को 19 मई को प्राइवेट कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था. सिंगर के पिता का भी कोरोना से निधन हो गया था. पिता के निधन के नौ दिनों बाद ही टप्पू मिश्रा को प्राइवेट कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था. इसके पहले वो अपने घर में ही क्वारंटीन में थीं. लेकिन जब उनका ऑक्सीजन लेवल 45 पहुंच गया तो परिवार के सदस्यों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया.
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टप्पू मिश्रा कोरोना से ठीक हो गई थीं और उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था. लेकिन सिंगर को कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद भी कुछ समस्याएं हो रही थी. उनके फेफड़ों में इंफेक्शन ज्यादा हो गया था, जिसका इलाज किया जा रहा था. वर्क फ्रंट की बात करें तो ऑलीवुड इंडस्ट्री की टप्पू मिश्रा बेहतरीन गायकों में से एक थीं. उन्होंने कई फिल्मों के गाने और भजन गाए. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1995 में फिल्म कुला नंदन के गाने गाकर की थी. लेकिन उन्हें ‘ना रे ना बाजना बंसी’ गाने से पहचान मिली थी. टप्पू मिश्रा ने करीब 500 गाने गाए और चार राज्य फिल्म अवॉर्ड अपने नाम किए. उन्होंने सिर्फ ओड़िया में ही नहीं बल्कि बंगाली और अन्य भाषाओं के गानों में भी अपनी आवाज दी. वो एक स्वतंत्र कलाकार थीं.
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