बिलासपुर. हाईकोर्ट ने फेसबुक पर विचार रखने को सरकार के खिलाफ टिप्पणी नहीं माना है. जस्टिस पी. सेम कोशी की कोर्ट ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता माना है. कोर्ट ने इस मामले में निलंबित आबकारी विभाग के एक आरक्षक के निलंबन पर रोक लगा दी है साथ ही इस मामले में शासन से जवाब भी मांगा है. जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता अनुभव तिवारी बिलासपुर हाईकोर्ट में अपने निलंबन के खिलाफ याचिका दायर की थी. अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से जारी याचिका में अनुभव तिवारी ने बताया था कि वे जांजगीर-चांपा जिले के बाराद्वार में आबकारी विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे.
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इसी दौरान उसने केंद्रीय मंत्री को लेकर एक फेसबुक पोस्ट किया था. इस पोस्ट को लेकर विभाग द्वारा उनपर कार्रवाई की गई. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उसने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की शिक्षा, कबीर जयंती पर शराब पर प्रतिबंध जैसे कई पोस्ट फेसबुक पर किए थे, लेकिन उसके पोस्ट की भाषा मर्यादित थी, उसने सिर्फ अपने विचार सोशल मीडिया पर रखे थे. लेकिन पोस्ट को आधार कर उसे विभाग ने निलंबित कर दिया. याचिकाकर्ता ने कहा कि फेसबुक पोस्ट कराना अपना विचार व्यक्त करना है न कि सरकार के खिलाफ टिप्पणी करना. कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलील को सही माना और उसके निलंबन पर रोक लगा दी.
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