खरसिया. विकासखंड स्रोत समन्वयक प्रदीप कुमार साहू का सम्मान छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग द्वारा ‘हमारे नायक’ के रूप में किया गया है. कार्य के प्रति पूर्ण समर्पण, निष्ठा और उत्साह पूर्वक विद्यार्थियों के हित चिंतन में निरंतर लगे रहने वाले प्रदीप साहू का यह सम्मान, पूरे शिक्षा विभाग के लिए गौरव का क्षण है. सोमवार को cgschool.in पर डॉ. प्रमोद कुमार शुक्ला ने ‘हमारे नायक’ में प्रदीप साहू के लिए ब्लॉग लिख कर सम्मानित किया है.
वैश्विक महामारी को लेकर बंद हुए स्कूलों की स्थिति में भी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई एवं विकास खंड में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सदैव कार्यरत प्रदीप कुमार साहू ने ग्रामीण तथा सुदूर अंचलों में भी ऑनलाइन क्लास के जरिए शिक्षा पहुंचाने का सतत प्रयत्न किया है. वहीं जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं एसएमसी के साथ वर्चुअल कार्यक्रम कर शिक्षकों एवं अभिभावकों के मध्य सेतु बनाते हुए योजनाबद्ध तरीके से शिक्षा के कार्यक्रमों का सफल संचालन किया है.
सामंजस्य बनाने में हैं सिद्धहस्त
एक सफल अधिकारी की भूमिका निभाते हुए प्रदीप कुमार साहू द्वारा पढ़ाई तुंहर दुवार एवं पढ़ाई तुंहर पारा का सफल क्रियान्वयन किया गया. इस दौरान इन्होंने पालकों एवं एसएमसी अध्यक्ष तथा सदस्य गणों के साथ वेबैक्स मीटिंग एप्लीकेशन के माध्यम से वर्चुअल मीटिंग आयोजित कर कोरोना की स्थिति में शिक्षा की धारा को अनवरत प्रवाहित करने हेतु शिक्षकों एसएमसी सदस्य गणों जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की.
वहीं पढ़ाई तुहर पारा का पूरे विकासखंड में सफलतम क्रियान्वयन किया. पढ़ाई तुंहर द्वार के लिए प्रत्येक गांव में आंट परची की व्यवस्था कर सभी प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं के लगभग शतप्रतिशत छात्रों को इस योजनांतर्गत अध्ययन का लाभ दिलाया. वहीं प्राथमिक शाला माध्यमिक शाला हेतु विषयवार पीएलसी का गठन कर प्रत्येक संकुल में शिक्षकों की शनिवारीय अनिवार्य बैठक का आयोजन करते हुए विषय आधारित कार्यशाला का आयोजन लगातार किया. वहीं विषयवार कठिनाइयों के निराकरण हेतु विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद लेकर उनका निराकरण करते रहे.
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प्राथमिक शालाओं के लिए बिगबुक्स का निर्माण
विकासखंड में अंगना मा शिक्षा कार्यक्रम का पूर्ण रूप से सुचारू तथा सफल क्रियान्वयन करते हुए प्रदीप कुमार साहू ने माताओं के उन्मुखीकरण को लेकर अनेक कार्यक्रम करवाए हैं. शाला प्रवेश के पूर्व बच्चों में निर्धारित अधिगम की प्राप्ति हेतु इन आयोजनों का विशेष महत्व है. वहीं सीख कार्यक्रम के अंतर्गत भाषा, गणित, विज्ञान एवं पर्यावरण का अध्ययन प्रारंभ करवाया. जो 40 सप्ताह तक सफलतापूर्वक चलता रहा. ईएलजी का क्रियान्वयन करते हुए ब्लॉक की 183 प्राथमिक शालाओं में प्रिंट रिच तैयार करवाया, जो बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक मनोरंजक किताबों का पुस्तकालय बना. प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में अध्ययनरत बच्चों के लिए मनोरंजन चित्र कथा विज्ञान आधारित पुस्तिका का निर्माण कर प्रकाशित भी करवाया, जिससे सभी छात्र-छात्राओं को सीखने में अत्यधिक सहायता मिल रही है.
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आमाराइट प्रायोजना का सफलतम क्रियान्वयन
बीआरसी प्रदीप साहू द्वारा राज्य शासन के निर्देश अनुसार आमाराइट प्रायोजना का सफलतम क्रियान्वयन करने की दिशा में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है. गांव की दीवारों में प्रायोजना को अंकित करना, फ्लेक्सी के माध्यम से प्रायोजना को प्रिंट करवा कर गांव के चौराहे में लगाना निरंतर जारी है. वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा हेतु आवेदन करवाने को लेकर प्रधानपाठकों एवं संकुल समन्वयकों की बैठक लगातार की गई. लक्ष्य निर्धारित कर कक्षा पांचवी में अध्ययनरत शत-प्रतिशत बच्चों को कक्षा छठवीं की प्रवेश परीक्षा में सहभागिता कराने हेतु ऑनलाइन आवेदन करवाया.
श्री साहू ने अपनी इस लगन एवं सम्मान को लेकर कहा कि मेरे आदर्श एवं मेरे प्रेरणास्रोत सदैव ही मेरे पिताजी रहे हैं. अन्य क्षेत्रों में जीविकोपार्जन हेतु अनेक अवसर प्राप्त होने के बाद भी उन्होंने सदैव मुझे शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही. मुझे आज भी पिताश्री यही कहते हैं कि समाज शिक्षा को प्रभावित करता है, तो दूसरी ओर शिक्षा ही समाज के स्वरूप को निश्चित करती है.







