महासमुंद. जिला जेल की दीवार फांदकर गुरूवार दोपहर फरार हुए 5 कैदियों में से तीन को पुलिस ने देर रात ही पकड़ लिया जबकि दो अभी फरार है जिनकी तलाश जारी है. इस मामले में सुरक्षा में तैनात भरतलाल सेन, राजकुमार त्रिपाठी, गणेशराम, सुखीराम कोसले को निलंबित कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक डमरुधर गांड़ा को कोतवाली पुलिस ने बेमचा में रात करीब 8 बजे पकड़ा जबकि दौलत गोंड़ और करन सतनामी को कोमाखान पुलिस ने बिन्द्रावन मार्ग में घेराबंदी कर रात करीब साढ़े 11 बजे गिरफ्तार किया. सभी को साइबर सेल टीम को सौंप दिया गया जिनके द्वारा पूछताछ की जा रही है. वहीं राहुल ब्राम्हण और धनसाय गाड़ा अभी भी फरार हैं.
पुलिस के मुताबिक डमरुधर गाड़ा जेल की दीवार से कूद गया था जिससे उसके पैरों में चोट लगी थी जिससे वह भागने के लिए रात होने का इंतजार करते हुए बेमचा में ही छिपा था. रात करीब आठ बजे पेट्रोलिंग टीम ने उसे गांव की गली से पकड़ लिया. वहीं कोमाखान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बिन्द्रावन के पास घेराबंदी कर दो को धर दबोचा. जेल ने बताया कि जेल में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए दीवार पर करंट सिस्टम है. सहायक जेलर ने बताया कि जेल में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए दीवार पर करंट सिस्टम है. करंट की सप्लाई सोलर सिस्टम से होती है लेकिन पिछले कुछ महीनों से सिस्टम खराब है.
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मिस्त्री से इसकी जांच कराई तो करंट के लिए बिछे दो तार में से एक में करंट की सप्लाई हो रही थी जबकि दूसरे में नहीं था. सुधार के लिए मिस्त्री ने बैटरी और अन्य चीजों में खराबी बताया था. लॉकडाउन और जेल में बंदी संक्रमित होने की वजह से सुधारने वाले नहीं आ रहे थे. सायरन भी इससे कनेक्ट हैं जिसे दोनों तार से टच करने पर बज रहा था. लेकिन सोलर सिस्टम में खराबी की वजह से यह नहीं बज पाया होगा. बंदियों को भी करंट की जानकारी थी इसलिए उन्होने किसी भी तार को नहीं छुआ. बैरकों में बंद कैदियों की निगरानी के लिए 6 सिपाही की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन सिपाही बैरक पर ध्यान रखने की बजाए पेड़ की छांव में खड़े होकर बातचीत कर रहे थे. जिसका फायदा कैदियों ने उठाया और भाग निकले.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) May 7, 2021







