खरसिया. राजधानी में लगने वाले लॉकडाउन को लेकर राशन जैसी जरूरी चीजों की भी जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू हो गई है. ऐसे में आम जनता की जेब पर बेवजह का भार बढ़ गया है. बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा. ट्रांसपोर्ट ना आने का बहाना तथा स्टॉकिस्ट के पास सामानों की कमी बताकर लगभग सभी छोटे बड़े व्यापारियों द्वारा तेल, दाल, शक्कर तथा अन्य राशन सामग्रियों में 10 रुपए प्रति किलो तक अधिक वसूले जा रहे हैं. पहले से ही तेल आदि अनेक जरूरी सामानों में काफी तेजी देखी जा रही है, वहीं फिर से थोक बाजार में 2 रुपए से लेकर 4 रुपए तक प्रति किलो की तेजी आई है, पर फुटकर दुकानदार 5 से 15 रुपए तक के बढ़े दामों में सामान बेचते देखे जा रहे हैं.
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ऐसा नहीं कि कालाबाजारी की इस बात से शासन प्रशासन के जिम्मेदार बेखबर हों. पर ना जाने ऐसी कौन सी वजह है कि यह सब आंखें बंद कर इन दिक्कतों को जनता के लिए छोड़ रहे हैं. जबकि यह प्रशासनिक चूक आम लोगों के लिए भारी पड़ रही है. लोग यह भी कहने से नहीं चूक रहे कि पिछले लॉकडाउन की तरह सारी परेशानी जनता को रहेगी, वहीं अधिकारियों की चांदी हो जाएगी. शासन-प्रशासन को चाहिए कि वह इस अनावश्यक एवं अवैध कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आमजनों को राहत दें.
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