नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिन की बैठक बुधवार को खत्म हो गई. भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. इसकी वजह से लोन की ईएमआई पर और राहत नहीं मिलेगी. रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 4 फीसदी पर बरकरार रखा है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस बैठक के नतीजों की घोषणा की. गौरतलब है कि MPC की तीन दिन की बैठक 5 अप्रैल को शुरू हुई थी. रिजर्व बैंक ने इस वित्त वर्ष यानी 2021-22 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को भी 10.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना का प्रसार बढ़ने के बावजूद इकोनॉमी में सुधार हो रहा है.
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हालांकि हाल में जिस तरह से मामले बढ़े हैं, उससे थोड़ी अनिश्चिचतता बढ़ी है. लेकिन भारत चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि फरवरी में खुदरा महंगाई 5 फीसदी की ऊंचाई पर रहने के बावजूद यह रिजर्व बैंक के सुविधाजनक सीमा के दायरे में है. रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर बरकरार रखा है. बैंक रेट भी 4.25 फीसदी पर यथावत है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद रिजर्व बैंक ने इस वित्त वर्ष यानी 2021-22 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को भी 10.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. एमपीसी ने पिछले ऐलान में भी जीडीपी का यही अनुमान जारी किया था.
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