महासमुंद. एक बार फिर प्रदेश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से लोगों में दहशत है. वहीं दूसरी ओर बड़े-बड़े दुकानदार गोदामों में सामग्री जमाकर कालाबाजारी करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. विगत वर्ष कोरोनाकाल में चंद बड़े दुकानदारों ने आवश्यक वस्तुओं का भण्डार कर बाजार में कृत्रिम अभाव पैदा कर भारी लाभ कमाया. एक बार फिर वही स्थिति निर्मित हो रही है. ज्ञात हो कि गत वर्ष 3-4 रुपए में मिलने वाला गुड़ाखू 50 रुपए और पांच रुपए में मिलने वाला गुटखा 20-25 रुपए में विक्रय किया गया था वही स्थिति बाजार में पुनः देखी जा रही है.
लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन लॉकडाउन से पहले जमाखोरी कर कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जरुरी कदम उठाते हुए गोदामों में भरी सामग्रियां बाहर कराएं और निर्धारित दर पर सामग्री को जनता के लिए उपलब्ध कराएं. आवश्वक वस्तु अधिनियम के तहत जिले क्षेत्र में जमाखोरी, कालाबाजारी पर लगाम लगाने कठोर और आवश्यक कदम उठाएं ताकि जनता को राहत मिल सके अन्यथा मामला बहुत ही विस्फोटक होने से इंकार नहीं किया जा सकता.
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