रायपुर. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने गुरूवार को यहां राज्य के खाद्य अधिकारियों की वर्चुअल बैठक में कस्टम मिलिंग की अद्यतन स्थिति की जिलेवार समीक्षा की. उन्होने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में रखे धान की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी समितियों एवं संबंधित अधिकारियों की है. उन्होंने सभी जिले के खाद्य अधिकारियों को उपार्जन केन्द्र में रखे धान को असामयिक बारिश से बचाने के लिए समय पूर्व ढंककर रखने के लिए आवश्यक उपाय कराने के निर्देश दिए. मंत्री श्री भगत ने धान के उठाव में और तेजी लाने एवं कस्टम मिलिंग के संबंध में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने कहा है. उन्होंने गत वर्ष 2019-20 का कस्टम मिलिंग के शेष धान का निराकरण जल्द से जल्द करने कहा.
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उन्होने रायपुर जिले की कस्टम मिलिंग की समीक्षा के दौरान कहा कि धान का उठाव नहीं करने वाले मिलरों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करें. खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि उपार्जित धान में से 61.43 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव समितियों से हो चुकी है. उन्होंने बताया कि कस्टम मिलिंग के एवज में 20.38 लाख मीट्रिक टन चावल जमा हो चुका है. बिलासपुर, बस्तर, कांकेर, कोण्डागांव, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिले के अधिकारियों ने मंत्री श्री भगत को बताया कि कस्टम मिलिंग के साथ ही चावल जमा कराने का काम सुचारू रूप से चल रहा है और एकाध महीने में कस्टम मिलिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा. मंत्री श्री भगत ने प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किए जा रहे शक्कर, गुड़, पोर्टिफाइड चावल, खाद्यान्न आदि की भण्डारण और वितरण के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली.
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