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वीडियो बनाकर ले रहा था सेल्फ़ी, हाथी ने दौड़ाया और मार डाला

Published on: February 28, 2021
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रायगढ़. दल से बिछड़ी हथिनी पिछले दो दिनों से इधर-उधर भटक रही है. शुक्रवार को रायगढ़ वन मंडल से निकल कर व खरसिया रेंज होते हुए जांजगीर चांपा वन मंडल में पहुंच गई थी. जहां बीती रात वहां से वापस सारंगढ़ रेंज तक पहुंच गई और सुबह जब हाथी की जानकारी लोगों को लगी, तो उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ होने लगी. पर इसी दौरान गुडियारी गांव में एक युवक को हाथी का मोबाइल से वीडियों बनाना व सेल्फ़ी लेना काफी महंगा पड़ गया.  विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को मादा हाथी अपने शावक के साथ सक्ती रेंज में विचरण कर रही थी और रात होते ही वापस रायगढ़ वन मंडल में पहुंच कर सारंगढ़ वन परिक्षेत्र की ओर आगे बढ़ने लगी. मादा हाथी व उसके शावक पर विभाग के कर्मचारी लगातार नजर रखे हुए थे.

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वहीं हाथी का सारंगढ़ वन परिक्षेत्र में आने की सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर सभी कर्मचारी अर्लट हो गए, पर सुबह करीब आठ से नौ बजे हाथी गुड़ियारी गांव तक पहुंची, तो लोगों की भीड़ उसे देखने व फोटो, वीडियो बनाने के लिए इकट्‌ठी हो गई. इस दौरान वनकर्मियों के द्वारा हाथी से दूर रहने की हिदायत भी दी जा रही थी, पर उत्सुक्ता में कोई मानने को तैयार भी नहीं था. इसी दौरान गुड़ियारी में रहने वाला 21 वर्षीय युवक मनोहर पटेल पिता रामेश्वर पटेल सहित तीन लोग भी हाथी को देखने गए थे और मोबाइल से वीडियो बनाने व सेल्फ़ी ले रहे थे. विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि तभी मादा हाथी पलट कर तेज गति से उसे दौड़ाने लगी.

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तीन लोग तो भाग गए पर मनोहर अपनी जान बचाकर भागते हुए एक मेड़ से टकराकर गिर गया. तब हथिनी ने उस पर हमला कर दिया. इससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद हथिनी आगे बढ़ गई, पर उसका शावक थकने की वजह से धीरे-धीरे पिछड़ गया और थक कर गुड़ियारी में ही एक गेंहू के खेत में बैठ गया. मादा हाथी चलते चलते कटेली तक पहुंच गई. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि हथिनी तीस से चालिस किमी तक रोज चल रही है और ज्यादा चलने की वजह से उसका शावक थक गया और अपनी मां से बिछड़ गया है. फिलहाल वन अमला हाथियों से लोगों को दूर रखने का प्रयास करते हुए मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि देते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है.

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