खरसिया. शिक्षकों के आचार, विचार और व्यवहार का स्पष्ट प्रभाव विद्यार्थियों पर देखा जाता है, वहीं बुरी आदतों से ग्रसित शिक्षक यह भी भूल जाते हैं कि वे अपने घर पर हैं अथवा विद्यामंदिर में. गंभीर मामला खरसिया विकासखंड में ग्राम तूरेकेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है. गुरुवार को प्रधानपाठक रामाधार बरेठ शराब पीकर स्कूल पहुंचे, वहीं उन्होंने शैक्षणिक कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया. प्रिंसिपल रविंद्र नारंग द्वारा उन्हें समझाइश दी गई, पर नशे में टुन्न प्रधानपाठक के द्वारा मुंहजोरी की गई. ऐसे में प्रिंसिपल ने पंच एवं गणमान्य नागरिकों को सूचना दी.
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बताया जा रहा है कि उनके समझाने पर भी प्रधानपाठक द्वारा अनुशासनहीनता करते हुए बेहूदगी की गई. ऐसे में प्राचार्य ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करने हेतु जिला शिक्षाअधिकारी को पत्र लिखा है. बताना लाजिमी होगा कि आदिवासी बाहुल्य विकासखंड खरसिया में कई शिक्षक शराब पीकर विद्यालय पहुंचते हैं. वहीं शिक्षक रामाधार बरेठ बुरी आदतों के कारण पूर्व में भी निलंबित हो चुके हैं. जिला शिक्षाअधिकारी एवं जिलाधीश को चाहिए कि विद्या के पावन मंदिर को तथा देश की भावी पीढ़ी की मानसिकता को दूषित करने वाले ऐसे सभी शिक्षकों पर पूरी तरह मॉनिटरिंग रखते हुए कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करें.
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