रायपुर. प्रदेश के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में पेशा कानून लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिवासी समाज के मुखिया एवं प्रमुख लोगों तथा पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयं सेवी संस्थाओं से रायशुमारी की जा रही है. पेशा कानून के क्रियान्वयन के लिए नियम बनाने हेतु प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव की अध्यक्षता में बुधवार को कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड अंर्तगत ग्राम खैरखेड़ा में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. जिसमें कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, बालोद, राजनांदगांव और धमतरी जिला के कुल 16 विकासखण्डों के आदिवासी समाज के मुखिया शामिल हुए.
http://लॉकडाउन नहीं लगेगा, शादियों में सिर्फ 50 मेहमानों की छूट को मंजूरी
उन्होंने पेशा कानून के क्रियान्वयन हेतु बनाए जाने वाले नियमों के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव दिए. श्री सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में पेशा कानून लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. पेशा कानून के क्रियान्वयन के लिए नियम बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए लोगों का सुझाव लिया जा रहा है, जो भी उपयोगी सुझाव प्राप्त होगा, उसे नियमों में शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आगामी बजट सत्र में पेशा कानून के नियम को पारित कराने का प्रयास होगा. पूर्व सांसद सोहन पोटाई ने पेशा कानून के क्रियान्वयन हेतु बनाने जाने वाले नियमों के प्रत्येक बिन्दु में दण्ड का भी प्रावधान रखने का सुझाव दिया.
http://अक्षरा का नया छठ गीत ‘बनवले रहिहs सुहाग’ रिलीज, हुआ वायरल
उन्होने आदिवासी संस्कृति के संवर्धन व संरक्षण तथा दैवीय स्थलों को संरक्षित करने के लिए भी पेशा कानून में नियम बनाने का सुझाव दिया. पेशा कानून के क्रियान्वयन हेतु ग्राम खैरखेड़ा मे आयोजित परिचर्चा में आदिवासी समाज के मुखिया लोगों के सुझाव प्राप्त करने के बाद श्री सिंहदेव ने जिला मुख्यालय कांकेर में आयोजित कार्यक्रम में जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के प्रतिनिधियों और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी सुझाव प्राप्त किए, जिसमें जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष और सदस्यों ने अपने सुझाव दिए.







