महासमुंद. पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है कि सरकारी योजनाएं जनता को उपलब्ध कराएं लेकिन जब जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार ही सरकारी योजनाएं पर कुंडली मारकर बैठ जाएं तो सरकार का उद्देश्य जमींदोज हो जाता है. ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत बसना के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिर्राचुवां के आश्रित ग्राम भुलका में सामने आया है. यहां के वार्ड 11 में दो हैंडपम्प लगे थे जिसमें से एक हैंडपम्प को हटाकर उसमें मोटर पम्प लगा दिया गया है. मोटर पम्प लगाने से उस वार्डवासियों को पानी नहीं मिल रहा है. दरअसल, मोटर पम्प पंच श्रीमती राधिका यादव के पति शाखाराम यादव ने लगाया है. जिसे वे पाइप के सहारे अपने घर में निजी उपयोग के लिए लेता है.
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दिलचस्प तथ्य यह है कि हैंडपम्प ग्राम पंचायत के मद से खर्च कर लगाया गया है लेकिन इस हैंडपम्प को पंच के भतीजे रामचरण यादव ने बलात घेराबंदी कर दिया है. जिससे उस वार्ड के अन्य लोगों को इस मोटर पम्प से पानी नहीं मिलता है. यहां के नारायण दास ने बताया कि पहले यहां हैंडपम्प था अब पंच पति मोटर पम्प लगाकर अपना व्यक्तिगत उपयोग कर रहा है. अब सवाल यह उठता है कि जब हैडपम्प सरकारी है तो पंच पति इसका निजी उपयोग किसके आदेश से कर रहे हैं। जब हैडपम्प सरकारी व्यय पर हुआ है, तो पंच के भतीजे ने इसे जबरन अपने घर की बाड़ी के अंदर क्यों रखा है. इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव से मोबाइल पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल कवरेज क्षेत्र से बाहर बताया. छिर्राचुवां सरपंच अजय साव ने बताया कि उन्हे इस बात की जानकारी नहीं है. अब आपने अवगत कराया है तो भुलका जाकर इस समस्या का समाधान करने की कोशिश करूंगा।
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