नई दिल्ली. दिग्गज बंगाली एक्टर सौमित्र चटर्जी का 85 साल की उम्र में रविवार दोपहर 12.15 बजे निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार थे. छह अक्टूबर को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से सौमित्र कोलकाता के Belle Vue अस्पताल में भर्ती थे. इस वायरस से सौमित्र ने जंग जीत ली थी, लेकिन उनकी तबीयत आए दिन बिगड़ती जा रही थी. उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन के विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम पिछले 40 दिनों में सौमित्र चटर्जी के स्वास्थ्य को फिर पटरी पर लाने का प्रयास कर रही थी. लेकिन कोई भी कोशिश सफल नहीं हो पा रही थी.
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बता दें सौमित्र चटर्जी बांग्ला सिनेमा की बड़ी शख्सियत थे. सौमित्र चटर्जी बांग्ला सिनेमा के लेजेंड थे. उन्होंने 1959 में फिल्म ‘अपुर संसार’ से अपने करियर की शुरुआत की थी. सौमित्र ने ऑस्कर विनिंग डायरेक्टर सत्यजीत रे के साथ 14 फिल्मों में काम किया था. सौमित्र चटर्जी की दमदार एक्टिंग और उनका स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें फिल्ममेकर्स का फेवरेट बनाता था. सौमित्र पहले भारतीय थे जिन्हें किसी कलाकार को दिए जाने वाला फ्रांस का सबसे बड़ा अवॉर्ड Ordre des Arts et des Lettres दिया गया था. वे दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित थे. उन्हें 3 बार नेशनल अवॉर्ड मिला था. इसके अलावा वे संगीत नाटक एकेडमी अवॉर्ड, 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड के साथ पद्म भूषण से सम्मनित किए गए थे.
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