पिथौरा. दीपावली के दूसरे दिन पूजन के साथ गौरी-गौरा धूम-धाम से पुरानी बस्ती तालाब में विसर्जित कर दिया गया. ज्ञात हो कि दीपावली की रात नगर के क्षेत्र में गौरी-गौरा विराजित कर रात भर पूजा-पाठ कर सुबह परम्परागत तरीके से विसर्जन किया गया. छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुसार दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा के बाद नगर की पुरानी बस्ती, रावणभाठा पारा, रामसागर पारा, रानीसागर पारा सहित करीब दर्जन भर हिस्सों से मिट्टी लेकर शीतला मंदिर में बनाई गई गौरा-गौरी की मूर्तियां नगर के विभिन्न मुहल्लों के गौरा चौरा में जुलूस की शक्ल में ले जाकर स्थापित की गई.
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बाद रात भर पूजन एवं सेवा के बाद सुबह पूरे मोहल्ले के लोग मिलकर गौरी-गौरा को सिर पर बारी-बारी से रखकर शीतला मंदिर पहुंचे वहां से एक साथ शोभायात्रा के रूप में पुरानी बस्ती तालाब में उल्लासपूर्ण माहौल में सेवा गीत के साथ विसर्जन किया गया. दीपावली पर्व पर उत्साहपूर्ण तरीके से मनाए जाने वाले गौरा-गौरी पूजन पर्व में भी कोरोना इफेक्ट हावी रहा. कोरोना के चलते भीड़ कम रही एवं कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रम नहीं हुए पर सेवा गीतों के साथ उत्साहपूर्ण तरीके से विसर्जन किया गया.
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