बसना. महिला स्व सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए रायपुर की तर्ज पर बसना जनपद परिसर में भी फुलझर कलेवा का शुभारंभ स्थानीय विधायक एवं वन विकास निगम मंडल के अध्यक्ष के हाथों किया गया. इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी एवं जनपद सीईओ मौजूद थे. इस कार्यक्रम की जानकारी स्थानीय पत्रकारों को न देना एवं आमंत्रित न करने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय पत्रकारों की उपेक्षा पर वरिष्ठ पत्रकारों ने शासन-प्रशासन के रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है. वरिष्ठ पत्रकार भगतराम वाधवा, नंदलाल मिश्रा एवं सेवक दास दीवान संपादक रिपोर्टर क्रांति, पत्रकार संघ के जिला उपाध्यक्ष प्रकाश सिन्हा ने कड़ी निंदा की है. पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार सरकार और जनता के बीच सेतु होता है.
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ऐसे में पत्रकारों को कार्यक्रम में नहीं बुलाना गलत है जबकि वाहवाही बटोरने गांव-गांव व पार्टी विशेष को आमंत्रित कर भीड़ जुटा कर सोशल डिस्टेंस की भी धज्जियां उड़ाई गई. कोरोना वैश्विक महामारी का दौर जारी होने की वजह से जिले में प्रतिदिन कई कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि जिला प्रशासन कर रहा है और सोशल डिस्टेंस का पालन एवं सावधानी बरतने हिदायत दे रहा है, लेकिन उक्त कार्यक्रम में सारे नियमों की धज्जियां भी उड़ाई गई. कई लोग बिना मास्क के भी नज़र आए, इतना बड़ा कार्यक्रम किसके आदेश पर किया गया यह बड़ा सवाल उठ रहा है. इस संबंध में जनपद पंचायत सीईओ सनत महादेवा से संपर्क करने की कोशिश की गई पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.







