पारस सांखला
राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर जगह-जगह मवेशियों के जमवाड़े से राहगीर आएदिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं वहीं बेजुबान मवेशी भी बेमौत मारे जा रहे हैं. गौपालकों की लापरवाही से यह दुर्घटना हो रही है. मवेशी सड़क में यत्र-तत्र बैठे रहते हैं फलस्वरूप वाहन चालकों को बहुत असुविधा होती है. जरा सी चूक के कारण दुर्घटना हो रही है. इस दुर्घटना से वाहन चालक और मवेशी दोनों चोटिल हो रहे हैं. रात में सड़क पर मवेशियों के कारण बड़ी घटना घट रही है. आएदिन मवेशियों के मारे जाने की खबरें आ रही है. मवेशी पालकों में कुत्ता पालने की संस्कृति बढ़ रही है.
http://छत्तीसगढ़ में विलुप्त होती मितान परंपरा, प्रचलित कई रूप
अधिकांश मवेशी पालक दूध निकालकर गायों, बछड़ों को घर से बाहर भगा देते हैं और कुत्तों की देखभाल के लिए नौकर रखे हुए हैं पर दूध देने वाली गाय को चारा-पानी नसीब नहीं हो रही है. गायों की देखभाल करने गौपालकों के पास न समय है और न ही नौकर. भारत शासन ने जानवरों का भी सर्वे कराया है उस सर्वे के आधार पर पता करने प्रशासन टीम गठित करें कि उन गौ पालकों की मवेशियां कहां हैं यदि गौपालकों के मवेशी सड़क पर लावारिस घूम रहे हों तो गौपालकों पर कार्रवाई की जाए और दुर्घटना में मवेशी या इंसान के मौत पर दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए तब जाकर मवेशियों को बाहर छोड़ने की प्रथा बंद होगी.
http://क्रूर सत्य की अनुभूति है सुषमा जी का अनंत की यात्रा पर जाना
लावारिस हालत में घूम रहे मवेशी पालकों के विरुद्ध कड़ाई से कार्रवाई करनी होगी तभी दुर्घटना रुक सकती है. इस मामले में नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों को अधिकार दिया जाए ताकि वे गौपालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकें. प्राय: देखने में आता है कि दुर्घटना में यदि मवेशी मरते या घायल हो जाते हैं तब जनता वाहन चालकों से मारपीट पर उतारु हो जाती है जबकि इस प्रकार की कार्रवाई गौपालकों के साथ होनी चाहिए? चूंकि यह दुर्घटना मवेशी मालिक के कारण घटित होती है. कोई भी वाहन चालक जान बूझकर घटना को अंजाम नहीं देते धोखा में घटना घटती है. इस घटना के शिकार वाहन चालक भी होते हैं.
जुड़िए हमसे….
https://www.facebook.com
https://cgjanadesh.com
https://cgjanadesh.com/category
8871342716











