भगतराम वधवा
बसना. नगर पंचायत नागरिकों से स्वच्छता और अन्य टैक्स में 50 प्रतिशत तक वृद्धि कर वसूली कर रही है. कोरोना के नाम से मार्च से अक्टूबर तक नागरिकों को राहत देते हुए छूट देनी चाहिए पर छूट देने के बजाय घर-घर जाकर पांच माह का एक साथ डेढ़ गुना दर से वसूली की जा रही है जिससे नागरिकों में आक्रोश पनप रहा है. नागरिकों का कहना है कि समस्याओं के निराकरण में नगर पंचायत का ध्यान नहीं है, पूरा ध्यान डेढ़ गुना दर से स्वच्छता शुल्क वसूली में है. कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन और बीच-बीच में कंटेनमेंट जोन से नगर के व्यावसायियों का व्यवसाय लगातार प्रभावित हो रहा है. आज भी यह क्रम जारी है. दुकानदार बंद दुकानों का किराया चुका रहे हैं.
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दुकान बंद होने के बावजूद कर्मचारियों को तनख्वाह दे रहे हैं. किसी कारणवश दुकान देरी से बंद की तो नगर पंचायत जुर्माना लेती है इसके अतिरिक्त और अनेक परेशानियों का सामना कर व्यवसायी परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. अनेक व्यापारी तो कर्ज के बोझ तले दब गए हैं. इधर, नगर पंचायत अपनी मूल जिम्मेदारी समस्याओं के निराकरण से पल्ला झाड़ने में लगी है. समस्या बताने पर एक ही रटा रटाया जवाब मिलता है सीएमओ नहीं हैं. प्रभारी सीएमओ कोरोना पॉज़ीटिव के चलते 14 दिन पिथौरा से नहीं आ पाए हैं. अधिक राशि वसूली के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली को मोबाइल से जानकारी दी गई है. जिससे नागरिकों ने राहत मिलने की संभावना जताई है.
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