महासमुंद. पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा कार्य समिति सदस्य डॉ. विमल चोपड़ा ने राज्य सरकार द्वारा दुर्गोत्सव एवं दशहरा को लेकर जारी की गई गाइडलाइन को भारतीय संस्कृति को कुचलने वाला बताते हुए व्यावहारिक प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है. उन्होने कहा कि माता दुर्गा की प्रतिमा की ऊंचाई और दशहरा में रावण की ऊंचाई निश्चित करने पर कोरोना कैसे भाग जाएगा ये समझ से परे है. लगातार हिंदू त्यौहारों पर छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिबंध से लोगों में शासन के प्रति आक्रोश पैदा हो रहा है. एक ओर तो कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर खुली छूट दी जा रही है. कांग्रेस के बड़े-बड़े जिम्मेदार नेता और गैर जिम्मेदारी भरे कदम उठाकर कोरोना संक्रमण को फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
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वहीं प्राचीन काल से आयोजित किया जा रहा है त्योहारों पर अड़ंगा डाल रहे हैं जबकि इन त्यौहारों में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की अनिवार्यता के साथ आयोजन की खुली अनुमति दी जानी चाहिए. डॉ चोपड़ा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी से सीख लेनी चाहिए जिन्होंने बड़े से बड़े आयोजन का कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया यहां तक कि राम मंदिर के शिलान्यास जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रम में उन्होंने कोरोना प्रोटोकॉल से अपने को बांधे रखा. उन्होने कांग्रेस के नेताओं की इस बात की भी निंदा की है कि उन्होंने कोरोना से लड़ाई में केवल अखबारी बयानबाजी की और अपनी जिम्मेदारी से अपने आपको मुक्त मान लिया साथ ही बिना किसी योजना के कोरोना की लड़ाई में उतरकर सरकार ने जनता को मौत के मुंह में धकेला है जिसका जवाब समय आने पर जनता देगी.
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