पिथौरा. समीप के वनमण्डल अर्जुनी में एक बार फिर रेंजर टीआर वर्मा की सक्रियता से 40 किलो करील जब्त कर तीन आरोपियों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई. जानकारी के अनुसार उप वन मण्डलाधिकारी उदयसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं रेंजर अर्जुनी टीआर वर्मा के निर्देशन में अर्जुनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत जंगल से करील चोरी करने वालों की धर-पकड़ लगातार जारी है. इसके लिए इस क्षेत्र के वन कर्मियों के साथ रेंजर स्वयं भी लगातार गश्त कर जंगल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे हैं. गश्त के दौरान शुक्रवार सुबह सवा 7 बजे अर्जुनी परिक्षेत्र के महराजी परिवृत्त के गिधौरी थाना क्षेत्र के महराजी निवासी संतूराम वल्द मंगल मांझी, रूखमणी पति संतूराम मांझी एवं संजय वल्द प्रेमसिंग विश्वकर्मा बांस करील 40 कि.ग्रा. को ग्राम दर्रा (गिरौदपुरी) में बेचने के लिए ले गए थे.
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जिसे वनरक्षक चन्द्रभुवन मनहरे परिसर रक्षी गिरौदपुरी एवं उनके सहयोगियों की मदद से पकड़ा गया एवं वन अपराध प्रकरण क्रमांक 15577/18 दिनांक 11/09/2020 दर्ज कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1) के अनुसार कार्रवाई की गई है. जब्त करील को गड्ढा खोदकर दबाया गया. कार्रवाई में लक्ष्मीप्रसाद श्रीवास्तव उपवनक्षेत्रपाल, स.प.अ. महराजी, वनरक्षक- चन्द्रभुवन मनहरे, राजेश्वर वर्मा एवं दैनिक श्रमिक- धीरज केंवट एवं राजेशकुमार साहू का योगदान रहा. इधर, बलौदाबाजार जिले के अर्जुनी वन परिक्षेत्र को छोड़कर कहीं भी करील काटने एवं बेचने वालों की धरपकड़ नहीं होने से क्षेत्र के हाट बाज़ारों में प्रतिदिन सैकड़ों किलो करील खुलेआम बिकती है. जिसे देखकर भी वन कर्मी कभी कार्रवाई नहीं करते लिहाजा अब करील (बांस का पिका) के कट जाने से बांस के उत्पादन में भी भारी कमी आ रही है. यदि हालात यही रहे तो भविष्य में जंगलों में बांस देखने के लिए तरसना पड़ेगा.
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