रजिंदर खनूजा
पिथौरा. बागबाहरा क्षेत्र के खल्लारी पहाड़ी में दो हाथियों के डेरा डालने से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं. वही वन विभाग ने खल्लारी पहाड़ी की ओर से ग्राम की ओर जाने वाले मार्गों पर अपने स्टाफ लगाकर ग्रामीणों की आवाजाही रोक दी है. जिले में जंगली हाथियों की लागतात आमद किसानों की आफत बढ़ा दी है. झुंड से भटके हाथियों के दल में से दो विशालकाय हाथी अचानक खल्लारी ग्राम के मुहाने स्थित जंगल आ पहुंचे. रात में विचरण करते हुए पहुंचे हाथियों को अलसुबह जब ग्रामीणों ने खेत में देखा तो उनके होश उड़ गए. हाथी देखने कौतूहल वश भीड़ भी जमा हो गई. इस क्षेत्र में पहली बार हाथियों के आने से ग्रामीणों में आश्चर्यजनित दहशत देखी जा रही थी.
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ग्रामीण छेड़खानी करते रहे
इधर, हाथियों के क्षेत्र में पहुंचने की जानकारी मिलते ही बागबाहरा के रेंजर दल-बल के साथ क्षेत्र पहुंच गए और ग्रामीणों को हाथियों की ओर जाने से रोक दिया. खल्लारी पहाड़ी की ओर होते हुए हाथी तेजी से आगे बढ़ते हुए सुबह सात बजे खल्लारी के तालाब के पास खेतों में पहुंच गए थे. यही ग्रामीण फसल बचाने के उद्देश्य से हाथों में लाठी-डंडा लेकर हाथियों को भगाने का दुस्साहस करते देखे गए. जिन्हें कुछ विलम्ब से पहुंचे वन अमले ने रोककर हाथियों को आगे बढ़ने दिया. देखते ही देखते दोनों हाथी कक्ष क्रमांक 182 खल्लारी के पास टावर पहाड़ी तक पहुंच गए. यहां से हाथी समीप स्थित खल्लारी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रवेश कर गए. यहां भी ग्रामीण दुस्साहस दिखाने से नहीं चुके और हाथियों को खदेड़ने उनके पीछे पड़ गए. जिन्हें समझाकर हाथियों से दूर करने में वन विभाग को खासी मसक्कत करनी पड़ी.
छत पर चढ़े ग्रामीण
हाथी से बचने ग्रामीण, बच्चे, महिलाएं घर की छतों पर चढ़कर हाथी के गांव से दूर जाने की बाट जोहते दिखे. आबादी क्षेत्र में हाथियों के आमद से अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल दिखाई दे रहा है.
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लगातार नजर रखी जा रही : रेंजर
हाथियों के खल्लारी के आबादी क्षेत्र में प्रवेश के सम्बंध में बागबाहरा के रेंजर जयकांत गंडेचा ने इस प्रतिनिधि को बताया कि वर्तमान में खल्लारी क्षेत्र की पहाड़ी की ओर गए दो हाथी छुरा क्षेत्र में घूम रहे हाथियों के झुंड से बिछुड़े हैं. ये वापस जा रहे हैं.। इनके पास ग्रामीणों को जाने के लिए रोका जा रहा है जिससे कोई अप्रिय घटना घटित न हो. आज रात होते ही इन हाथियों की दिशा अपने बिछड़े झुंड की ओर हो सकती है. तब तक विभाग हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखे हुए है.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) September 8, 2020







