पिथौरा. समीप के बलौदाबाजार जिले के वन मण्डलाधिकारी द्वारा कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव के बाद भी सूचना के अधिकार के मामलों में 150 किलोमीटर दूर के आवेदकों को भी ऑनलाइन सुनवाई का आग्रह ठुकराकर बलौदाबाजार में उपस्थित होने नोटिस जारी किया जा रहा है. ज्ञात हो कि अधिकांश न्यायालयों में अपराधियों की पेशी भी ऑनलाइन हो रही है पर बलौदाबाजार के वन अधिकारी आवेदकों को सैकड़ो किलोमीटर दूर से स्वयं ही उपस्थित होने का निर्देश दे रहे हैं. पूरे देश के साथ प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के चलते न्यायालय सहित मंत्रालय एवं अन्य आवश्यक बैठकें ऑनलाइन हो रही है पर इन सबसे अनभिज्ञ वन अधिकारी अपने अधीनस्थों द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं करने के बाद अब आवेदकों को ही कोरोना महामारी के जानलेवा खतरे के बाद भी अपील की सुनवाई हेतु आवेदक को अपने जिला कार्यालय में बुलाने की नोटिस जारी की गई है.
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ज्ञात हो कि वर्तमान में कोरोना संकट के चलते सुविधायुक्त कार्यालयों में सभी कामकाज ऑनलाइन हो रहे हैं पर वन मण्डलाधिकारी अपने अधीनस्थों द्वारा जानकारी नहीं दिए जाने का पक्ष लेते दिख रहै हैं और आवेदक कोरोना संकट के चलते समय-सीमा में सैकड़ों किलोमीटर दूर से उन तक पहुंच ना पाएं और उन्हें अपील निरस्त करने का मौका मिल जाए. शायद इसी कारण से वन अधिकारी कोरोना जैसी घातक महामारी को भी नजरअंदाज कर ऑनलाइन सुनवाई को खारिज कर मुख्यालय तलब कर रहे हैं. इस सम्बंध में आवेदकों का कहना है कि वे वन अफसरों के इस रवैये की शिकायत सूचना आयोग से करेंगे और आवश्यकता हुई तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे.
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