रजिंदर खनूजा
पिथौरा. नगर में लॉकडाउन के दौरान अब कोरोना से अधिक प्रशासनिक दहशत दिखने लगी है. नगर पंचायत सीमा को सभी तरफ से बेरिकेट्स लगाकर इस तरह सील किया गया है कि कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता. बैंक, कृषि सामग्री की दुकानें खुली है पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का आना-जाना पूरा प्रतिबंधित होने के कारण इन संस्थाओं में अल्प कार्य ही होता दिख रहा है. बहरहाल, इस लॉकडाउन के कारण आगामी एक दो दिनों के भीतर ग्रामीण क्षेत्रो के निवासियों पर आवश्यक सामग्री का संकट गहराना तय है. जिले में घोषित 31 जुलाई से 6 अगस्त तक लॉकडाउन के एक दिन पहले 30 जुलाई से ही नगर को पूरी तरह बंद कर दिया गया.
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इसी दिन से नगर पंचायत सीमा को पूरी तरह बेरिकेट्स लगाकर सील कर वहां पुलिस का सख्त पहरा लगाया गया है. नगर में किराना, राखी, फल, सब्जी सहित कृषि कार्य में उपयोगी सामग्री की दुकानों को भी सुबह 6 से 11.30 तक खोलने की अनुमति दी गई है पर अब नगर को चारों ओर से सील किए जाने के कारण ग्रामीणों का नगर आना-जाना पूर्णतः बन्द हो गया है. लिहाजा किसानों को अब कृषि सामग्री क्रय करने एवं अन्य आवश्यक सामग्री लेना पूरी तरह रुक गई है. आवश्यक सेवा ग्रामीण कहां से ओर कैसे लें ये भी प्रशासन द्वारा स्पष्ट नहीं किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यावश्यक सामग्री की कालाबाजारी भी होने की खबरें मिल रही है.
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बैंक खुले हैं पर किसानों को रुपए की आवश्यकता होने एवं खाते में रुपए होने के बावजूद किसान एवं आम ग्रामीण नगर सीमा से वापस लौटा दिए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अब अफरा-तफरी के हालात पैदा हो रहे हैं. इधर, स्थानीय तहसीलदार टीआर देवांगन ने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी सहित बैंक कार्य वालों को नियमानुसार शहर आने की अनुमति दी जा रही है, डयूटी में जाने वालों सहित कोरोना वारियर्स को भी स्पॉट पर ही अनुमति दी जा रही है. आगामी रक्षाबंधन पर्व के लिए क्या छूट मिलेगी यह कलेक्टर महासमुंद के निर्देशानुसार ही तय किया जाएगा. फिलहाल लॉकडाउन मतलब लॉकडाउन.







