रायपुर. रायपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एसीबी की टीम ने अलग-अलग मामले में बीईओ, पटवारी और समन्वयक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. जानकारी के मुताबिक बिलासपुर के ग्राम भदौरा निवासी विजय कुमार राजगीर ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत की थी कि केंद्र के रुर्बन मिशन विभाग के एक अफसर उनसे रुपए मांगते हैं. दरअसल, गांव में स्टॉप डैम, स्कूल पानी टंकी में शेड निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए गांव में काम होना था. इसकी राशि 14 लाख रुपए स्वीकृत करने के नाम पर मिशन के कोऑर्डिनेटर नवीन कुमार देवांगन 35 हजार रुपए रिश्वत की मांग रहे थे. विजय रुपए लेकर नवीन के पास गया तभी नवीन को पकड़ लिया गया.
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एक अन्य मामले में अंबिकापुर की एसीबी टीम से सूरजपुर के प्रधानपाठक ओमप्रकाश योगी ने शिकायत की थी कि लॉकडाउन अवधि का वेतन निकालने के एवज में बीईओ कपूरचंद साहू ने उनसे 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था. मना करने पर बात 25 हजार पर आ गई. एसीबी टीम ने ओमप्रकाश से रुपए देने को कहा. बीईओ को रुपए लेने बुलाया गया. सूरजपुर के अंबिका पेट्रोल पम्प के पास बीईओ कपूरचंद पहुंचा और 25 हजार रुपए एटीएम से निकालकर ओमप्रकाश ने दे दिए. तभी टीम वहां पहुंच गई और कपूरचंद को पकड़ लिया.
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इसी तरह रायपुर एसीबी से बेमेतरा जिले के ग्राम गोपालपुर निवासी नरेन्द्र चतुर्वेदी ने शिकायत की थी कि पिता की मौत के बाद कृषि भूमि को अपनी मां और भाई के नाम पर दर्ज कराने के एवज में पटवारी श्रीमती लोचन साहू ने 7500 रुपए कि रिश्वत मांगी है. जब नरेंद्र ने इंकार कर दिया तो पटवारी ने काम करने से भी इंकार कर दिया. बाद में 2800 रुपए रिश्वत पर बात तय हुई. एसीबी की टीम पहले से ही नवागढ़ के अंधियारखोर इलाके में बने पटवारी कार्यालय के आसपास थी. जब नरेंद्र ने पटवारी लोचन को रुपए दिए तो टीम ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ लिया.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) July 6, 2020







