महासमुंद/बागबाहरा. बागबाहरा के एक प्रशासनिक अधिकारी के कथित मौखिक आदेश पर होम क्वारंटाइन के नाम पर सरपंच-सचिवों द्वारा 500-500 रुपए वसूलने का मामला सामने आया है. मीडिया से चर्चा में एसडीएम ने इसे स्थानीय व्यवस्था बताया है वहीं जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि शासन से इस तरह का कोई आदेश नहीं है. ज्ञात हो कि कोरोना त्रासदी एवं लॉकडाउन से एक ओर सभी वर्ग के लोग परेशान हैं वहीं बाहर कमाने-खाने दीगर प्रान्तों से लौटे मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं. भारी परेशानी के बीच अपने गांव पहुंचे इन मजदूरों की समस्या गांव पहुंचने के बाद भी कम होने का नाम नहीं ले रही है. ग्राम पंचायत नवाडीह के डुगेश्वर ठाकुर और उनकी पत्नी ने बताया कि वे ओड़िशा से लौटे हैं. हमारे साथ दो बच्चे भी हैं. पहले हमें 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन सेंटर में क्वारंटाइन किया गया.
http://नवंबर तक 80 करोड़ लोगों को मिलेगा मुफ्त अनाज, जानिए पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें
जहां खाने-पीने, ईधन सहित अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था हमने खुद की. 14 दिन पूरे होने के बाद एक शपथ पत्र के साथ 500-500 रुपए कुल दो हजार हमसे यह कह कर लिए गए कि अब 14 दिन घरों में होम क्वारंटाइन होना है. इसके बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे. रायपुर और महासमुंद से लौटे रत्थू यादव और जसवंत बेहरा ने भी 500-500 रुपए वसूली की बात कही है. इसी तरह ग्राम पंचायत करहीडीह के ग्राम खट्टाडीह की सुशीला से शपथ पत्र भरवाया गया है. जिले के अन्य ब्लॉक से मिली जानकारी के अनुसार बागबाहरा के अलावा अन्य ब्लॉक में इस तरह की वसूली की शिकायत नहीं है. मात्र बागबाहरा ब्लॉक में ही इस तरह के कारनामे सामने आ रहे हैं. इस मामले में बागबाहरा जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने कहा कि मुझे इस बात की जानकारी आपके माध्यम से मिल रही है.
http://शादी के दो दिन बाद दूल्हे की मौत, समारोह में शामिल हुए 95 कोरोना पॉजिटिव
उक्त मामले को गम्भीर बताते हुए उन्होने कहा कि हम सब मिलकर पीड़ितों की सेवा कर रहे हैं. इसमें हमारे समाजिक संगठन से जुड़े लोग मदद कर रहे हैं ऐसे में गरीब मजदूरों से अवैध उगाही करना निंदनीय है. इस संकट में हजारों लोगों की नौकरी चली गई. मजदूर बेकाम हो गए. शासन स्तर पर उन्हें कुछ मदद तो मिली नहीं पर गांव पहुंचने पर लालफीताशाही के मौखिक आदेश पर गरीब मजदूरों से सरपंच-सचिव ने प्रति व्यक्ति 5-5 सौ रुपए उगाही की गई यह गंभीर मुद्दा है. मैं स्वयं पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री एवं सचिव तक इस मामले की शिकायत कर दोषियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की मांग करने जा रही हूँ.
पढ़ई तुंहर दुआर : गांव के बच्चे कैसे करेंगे ऑनलाइन पढ़ाई? https://t.co/rtBuZ8bJ4q
— Cg Janadesh (@CJanadesh) June 27, 2020







