सौरभ गोयल
सरायपाली. करीब 20 लाख की लागत से बन रहे जिस स्टाप डेम के बह जाने के मामले को लेकर कृषि विकास अधिकारी राधेश्याम प्रधान को निलंबित किया गया है उसी स्टाप डेम की मरम्मत 24 जून के बाद से 29 जून तक जारी रही. स्टाप डेम के अलग हुए हिस्से को जोड़कर साइड से बह रहे नाले के पानी को रोकने जेसीबी व ट्रैक्टर के माध्यम से मजदूरों से मिट्टी भरवाई गई. निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण स्टाप डेम का एक हिस्सा कट गया उसी कार्य के लिए दोबारा मजूदर व मशीन का खर्चा कौन वहन कर रहा है या कहीं शासकीय निर्माण में ही उसे इंद्राज नहीं कर दिया जाएगा यह सवाल खड़ा हो गया है.
रुर्बन क्लस्टर भंवरपुर के ग्राम पलसापाली (ब) में बन रहे स्टाप डेम क्रमांक 1 के पहली बारिश में बह जाने को कृषि संचालक ने गंभीरता से लेते हुए ‘छत्तीसगढ़ जनादेश’ में 25 जून को ‘बह गया स्टाप डेम!’ शीर्षक से प्रकाशित ख़बर और शिकायत के आधार पर निर्माण के दौरान की गई खामियों को लेकर नाराजगी जताई. 26 जून को उपसंचालक कृषि महासमुंद को पत्र लिखकर कृषि विकास अधिकारी राधेश्याम प्रधान को निलंबित करने का निर्देश दिया था. उपसंचालक कृषि चिरंजीव सरकार ने कृषि विकास अधिकारी कार्यालय सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी महासमुंद राधेश्याम प्रधान को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम (9) के तहत शनिवार 27 जून को निलंबित कर दिया.
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काम बंद करने के आदेश के बाद भी होता रहा काम
इधर, निर्माण के दौरान जिला पंचायत सीईओ, तात्कालीन डीडीए एसआर डोंगरे, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी महासमुंद बीएल भगत एवं कार्यपालन अभियंता सिंचाई बीआर चंद्राकर ने भी निर्माण कार्य का जायजा लिया था. स्टाप डेम बहने के पूर्व तक जिले के अधिकारी स्टाप डेम की गुणवत्ता को लेकर दंभ भर रहे थे. जबकि स्टाप डेम बहने की ख़बर लगने के बाद निर्माण और अधिकारियों के दंभ की पोल खुलने लगी. मालूम हो कि निर्माण कार्य बंद करने करने के बारे में भी जिले के अधिकारी 26 जून से कह रहे थे.
बावजूद 27, 28 व 29 जून को किसके आदेश व देख-रेख में कार्य जारी रहा यह जांच व कार्रवाई का विषय है. कृषि विकास अधिकारी राधेश्याम प्रधान 27 जून को निलंबित हो गए तो किस अधिकारी के हस्ताक्षर से ग्राम पलसापाली (ब) में मरम्मत किए जा रहे स्टाप डेम क्रमांक 1 में कार्यरत जेसीबी, ट्रेक्टर व मजूदरों का भुगतान किया जाएगा. यद्यपि काम बंद करने के आदेश के बाद भी काम होता रहा है तो इसके लिए जिम्मेदार पर कार्रवाई होनी बाकी है.
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हवा में तैर रहे कई सवाल का कौन देगा जवाब?
स्टाप डेम क्रमांक 1 के बह जाने के मामले में 24 जून को सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी बीएल भगत एवं एसडीओ कृषि एसआर डोंगरे निर्माण स्थल पहुंचे थे. जहां उन्होने निर्माण कार्य का जायजा लिया था। सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी बीएल भगत ने बताया था कि निर्माण अभी अपूर्ण है. अत्यधिक बारिश की वजह से स्टाप डेम की एक दीवार कट गई है. जिसे सुधारा जा रहा है. अत्यधिक बारिश का जिक्र करने पर मालूम हुआ कि 5 जून को 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका था. ऐसे में 21, 22 व 23 जून को हुई लगातार बारिश में कार्य कैसे व क्यों किया गया. जबकि 23-24 को स्टाप डेम के टूटने की जानकारी सार्वजनिक हो चुकी थी.
बाल श्रमिकों से भी कराया काम, कार्रवाई पता नहीं?
जिस स्टाप डेम बहने के बाद प्रशासन की नींद टूटी वहां मरम्मत के दौरान मजूदरों से 12 घंटे सुबह 6 से शाम 6 बजे तक कार्य लिए जाने की बात सामने आई है. जिस पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है. इधर, बाल श्रमिकों के भी निर्माण कार्य किए जाने के मामले में क्या कार्रवाई हुई है इसके बारे में अधिकारी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं.







