खल्लारी. महासमुंद जिला पंचायत की सोरम क्षेत्र क्रमांक 4 सदस्य सीमा देवा निर्मलकर को सभापति नहीं बनाए जाने पर कार्यकर्ता आहत हैं. कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकार से भेंट कर कहा कि यह हमारे जिला पंचायत सदस्य की ही उपेक्षा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के प्रत्येक कार्यकर्ताओं का अपमान है. कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस से जीतकर पहुंचीं सीमा को छोड़ भाजपा के दो जिला पंचायत सदस्य और एक निर्दलीय सदस्य को सभापति बनाया गया है. विधायक प्रतिनिधि देवानंद निर्मलकर और जिला पंचायत सदस्य सीमा निर्मलकर सदैव पार्टी हित में कार्यकर्ताओं की सहमति से मिलकर काम करते हैं. निर्मलकर दंपत्ति कभी भी स्वार्थ की राजनीति नहीं करती.
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जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं सहित वरिष्ठ कांग्रेसियों का सम्मान रखती है. निर्मलकर परिवार कांग्रेस को हर तरह से सहयोग प्रदान करता है बावजूद जिला पंचायत सभापति के चयन में उपेक्षा से कार्यकर्ताओं के सम्मान को ठेस पहुंची है. संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान विधायक प्रतिनिधि देवानंद निर्मलकर, वरिष्ठ कांग्रेसी कार्तिक चक्रधारी, आमाकोनी सरपंच प्रतिनिधि आशाराम मोंगरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सेवाराम साहू, कोषाध्यक्ष तारेश साहू, महामंत्री मोहन कुलदीप, डूमरपाली सरपंच नंदकुमार निषाद, चरौदा सरपंच प्रतिनिधि डॉ. कुंजलाल साहू, कमरौद पूर्व सरपंच सुरेश सहिस, नरेन्द्र यादव, ओमप्रकाश साहू, नरेन्द्र सिन्हा, परस सोनवानी, कोमल महानंद, फिरोज खान, सोमनाथ टोंडेकर, राहुल कुलदीप, बरूण यादव सहित क्षेत्र कार्यकर्ता शामिल थे.
कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्री से भी की मुलाकात
खल्लारी क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश के वाणिज्यकर (आबकारी) मंत्री और महासमुंद जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा से उनके रायपुर स्थित आवास पर भेंट कर इस चयन प्रक्रिया में जिला पंचायत सदस्य सीमा देवा निर्मलकर की उपेक्षा से अवगत कराते हुए कहा कि किसी भी कार्यकर्ता के सम्मान को ठेस पहुंचाने की पुनरावृत्ति भविष्य में न हो. कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी पत्र प्रेषित कर अपनी भावनाओं से अवगत कराया है.
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