महासमुंद. वन विभाग ने चीतल के शिकार मामले में पांच ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से विभाग ने चीतल का कंकाल व शिकार सामग्री भी जब्त की है. बता दें कि दो दिन पूर्व शिकारियों द्वारा बिछाए गए जाल में फंसकर दो मवेशियों की मौत हो गई थी. मामले में वन विभाग के अफसर आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कह रहे है. जानकारी के मुताबिक वन विभाग को सूचना मिली कि ग्राम सिरगिड़ी में कुछ ग्रामीणों ने चीतल का शिकार करने के बाद उसका कंकाल छिपा दिया था. शिकायत पर वन विभाग की टीम ने उक्त ग्रामीणों के घर दबिश दी और चीतल का सिर, अस्थि और शिकार में करंट लगाने उपयोग में प्रयुक्त जीआई तार आदि बरामद की है.
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मामले में कुल पांच लोग सिरगिड़ी निवासी हरिचंद साहू, तोरण खड़िया, लोकनाथ दीवान और गौरखेड़ा निवासी बसंत खड़िय़ा, तोरण खड़िया शामिल हैं. मामले में आरोपियों से पूछताछ के बाद वन्य प्राणी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों ने बताया कि उन्होनें करीब एक माह पूर्व करंट तार बिछाकर एक जंगली सुअर का शिकार किया था. आरोपी बसंत खड़िया ने बताया कि उक्त जंगली सुअर को उन्होनें गांव में करीब 15 ग्रामीणों को बेच दिया और बचा हुआ मांस खुद खा गए. उसका कहना है कि पहली बार उसने जंगली सुअर का शिकार किया था जिसके लिए करंट तार उसके किसी साथी ने बिछाई थी.वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री चौबे ने बताया कि दो दिन पूर्व गांव में मवेशियों की हुई मौत के बाद से करंट तार बिछाकर वन्य प्राणियों का शिकार करने वालों को पकड़ने पुलिस और उनकी टीम ने मुखबिर लगा रखा था.
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