रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में फसल विविधिकरण को प्रोत्साहित करने के लिए विकासखण्ड स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर किसानों को इसके लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में जमीन की गुणवत्ता के अनुसार अधिक लाभ देने वाली फसलों को प्रोत्साहित किया जाए. इसके साथ ही साथ कृषि विभाग के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी किसानों से सम्पर्क कर उन्हे अधिक लाभ देने वाली फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित करें. मुख्यमंत्री ने बुधवार को यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ से अरवा चावल ही खरीदने को कहा है.
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इसलिए उसना की सप्लाई कम की जाए और अरवा किस्मों को प्रोत्साहित किया जाए, इसके लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार के साथ हाईब्रिड धान बीज विक्रेताओं की बैठक भी आयोजित की जाए. उन्होंने गन्ने और मक्के से एथेनॉल बनाने के लिए एथेनॉल प्लांट की स्थापना के कार्य में तेजी लाने, प्रदेश में राशनकार्ड बनाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए. श्री बघेल ने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा और व्यापम की परीक्षाएं 50 प्रतिशत बैठक क्षमता के साथ आयोजित की जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर से डरने की नहीं सतर्क रहने की आवश्यकता है. कोविड-19 के कारण प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. उन्होंने लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है. बैठक में श्री बघेल ने ओव्हरलोडिंग वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए. बैठक में जल संसाधन विभाग में 400 सब-इंजीनियरों की भर्ती का निर्णय भी लिया गया.
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श्री बघेल ने बेमेतरा और राजनांदगांव के गंडई क्षेत्र में कोदो की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं. श्री बघेल ने जलवायु और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर चाय और काफी की खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष इस योजना के तहत वन विभाग द्वारा किसानों को सवा करोड़ पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि सभी जिलों में गर्भवती महिलाओं, एनीमिक महिलाओं और शिशुवती महिलाओं तथा बच्चों को गर्म भोजन देना अनिवार्य किया जाए.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) January 5, 2022







