रजिंदर खनूजा
पिथौरा. विकासखण्ड के ग्राम छोटे लोरम के करीब 10 ग्रामीणों के मकान विगत बारिश में अतिवृष्टि से पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद भी अब तक राजस्व विभाग द्वारा उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है. लिहाजा ये ग्रामीण अपने परिवार सहित खानाबदोश का जीवन जीने मजबूर हैं. इस संबंध में स्थानीय एसडीएम राकेश कुमार गोलछा ने बताया कि वे इसकी जानकारी लेकर तत्काल मुआवजा दिलाएंगे. ग्रामीणों ने बताया कि 10 ग्रामीणों के मिट्टी से बने मकान विगत बरसात में अतिवृष्टि से ध्वस्त हो गए थे.
उन्होंने इसकी जानकारी क्षेत्र की महिला पटवारी को दी थी. ग्रामीणों के अनुसार पटवारी ने बारिश से गिरकर मलबा में तब्दील मकानों के सर्वे कर फोटो के साथ प्रकरण तैयार कर उन्हें मुआवजा अतिशीघ्र मिलने का आश्वासन दिया था पर 6 माह बाद भी अब तक मुआवजा नहीं मिलने पर उन्होंने पिथौरा पहुंचकर तहसील कार्यालय में पता लगाया तब उन्हें पता चला कि तहसील क्षेत्र में अन्य प्राकृतिक आपदा के मुआवजा प्रकरण का निराकरण हो चुका है पर उनके ग्राम का प्रकरण अब तक तहसील कार्यालय में जमा ही नहीं किया गया है.
10 ग्रामीण अब तक बेघर
ग्रामीणों के अनुसार छोटे लोरम निवासी जिन ग्रामीणों के मकान गिरे हैं उनके नाम दुर्योधन नेगी, जन्मेजय परेश्वर, नंद कुमार नेगी, विष्णु परेश्वर, कार्तिक नेगी, गोपाल कश्यप, अंगद बरिहा, उसत राम कश्यप, सार्थीक परेश्वर एवं चंदर सिंह कश्यप बताए गए हैं. इन सभी ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिला. ये परिवार सहित कच्चे मिट्टी के मकान में निवास करते थे. जो कि विगत बारिश के मौसम में अतिवृष्टि के कारण पूर्णतः ढह गए थे.
वृद्धा आनंदमोती परेशान
अतिवृष्टि की चपेट में छोटे लोरम की 75 वर्षीय वृद्धा भी आ गई थीं. विगत छह माह से आनंद मोती अपने पूर्णतः नष्ट हो चुके मकान के पड़ोसी के मकान के बरामदे में सपरिवार डेरा डाले हैं. पहले बारिश फिर अब कड़कड़ाती ठंड को झेल रही यह वृद्धा इतनी सक्षम नहीं है कि वह स्वयं ही मकान को पुनः खड़ाकर उसमें अपनी गुजर-बसर कर सके. लिहाजा वह सरकारी सहायता की बाट जोहती पड़ोसी के बरामदे में ठिठुरती दिखाई दे जाती हैं.
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अफसर भी चिंतित
उक्त मामले के बारे में जब पहले तहसीलदार टीआर देवांगन फिर एसडीएम राकेश गोलछा के संज्ञान में लाया गया तब उन्होंने तत्काल छोटे लोरम क्षेत्र की महिला पटवारी से मोबाइल पर चर्चा की. पटवारी द्वारा यह बताने पर की उन्होंने सर्वे कर लिया है पर आरआई से एप्रूव नहीं हो पाने के कारण जमा नहीं किया गया है इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को तत्काल उक्त मामले में प्रकरण बनाकर मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं. ज्ञात हो कि प्राकृतिक आपदा अधिनियम के अनुसार अधिकतम 95 हजार रुपए तक का मुआवजा दिए जाने के प्रावधान है.
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