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सरपंच के परिवार वालों ने मनरेगा में काम ही नहीं किया और खाते में जमा होती रही राशि

Published on: December 4, 2021
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पिथौरा. मनरेगा के कार्यों में सरपंच के परिजनों के खाते में बिना काम किए राशि जमा होती रही. इस सरपंच ने पूर्व में भी अटल आवास के निवासियों को खाली करवाकर उनके पक्के मकानों की ईंट और छड़ से अपना मकान बना लिया था. इस बात की जानकारी ग्रामीणों द्वारा आरटीआई के तहत निकाले गए एक दस्तावेज से मिली. बसना विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बंसुला में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों में भारी गड़बड़ी की शिकायत मिली है. ग्रामीणों ने एक लिखित शिकायत में बताया कि क्षेत्र से पलायन रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ग्रामवासियों के लिए उक्त योजना प्रारम्भ की थी. पर बंसुला में तो सरपंच के पूरे परिवार ने मनरेगा में काम किया. आखिर ग्राम के मुखिया ने मनरेगा के बहाने अपने पूरे परिवार को रोजगार दे दिया.

उक्त संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत बंसुला में रजनी जन्मजय साव ने वर्ष फरवरी 2020 में सरपंच पद की शपथ ली थी. तब से लगातार भारी गड़बड़ियों को अंजाम देने में जुटी हैं. सूचना के अधिकार के तहत मनरेगा की जानकारी के लिए जनपद पंचायत बसना में आवेदन किया. जिसमें प्राप्त जानकारी के अनुसार सरपंच के पूरे परिवार ने जमकर लाभ लिया. हैरत की बात यह रही कि सरपंच के परिवार को काम करते हुए ग्राम के किसी व्यक्ति ने भी नहीं देखा. कागज में काम होते रहे और सरपंच के परिवार के खाते में पैसे जमा होते रहे. सरपंच श्रीमती रजनी साव के द्वारा ग्राम बंसुला में सामुदायिक शौचालय निर्माण मनरेगा योजना के तहत करवाया. जिसमें सरपंच के पति और पंच जन्मजय साव ने अपना अहम योगदान दिया. इसके अतिरिक्त पशु आश्रय निर्माण कार्य, आदिवासी कन्या छात्रावास में मैदान समतलीकरण, सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य, पुस्तम घर से इनिकर तक पहुँच मार्ग निर्माण कार्य परिवार के सदस्यों द्वारा कराया गया.

ये सभी कार्य मात्र कागजों में ही सम्पादित हुए जबकि उनकी निर्माण लागत का आहरण पंचायत खाते से हो चुका है. जबकि मनरेगा के तहत ये सभी कार्य हुए ही नहीं और बकायदा सरपंच के परिवार ने बिना कार्य किए ही मस्टररोल में नाम चढ़ाकर राशि हड़प ली. इसके अलावा इस पंचायत के कुछ पंचों चहेते पंचों के पति-पत्नी ने बिना कार्य किए ही पूरी राशि प्राप्त की. गाँव में बहुत सारे परिवार ऐसे हैं, कि रोजगार की तलाश में उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली समेत देश के विभिन्न प्रान्तों में रोजगार न मिल पाने के कारण पलायन को मजबूर हैं. सरपंच के सामने मनरेगा में कार्य करने के लिए गिड़गिड़ाने पर भी उन्हें काम नहीं दिया गया. मनरेगा कार्य में लाखों की राशि को सरपंच के परिवार सहित चहेते पंचों ने जमकर गड़बड़ी की और गाँव वाले काम के लिए भटकते रहे.

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पूर्व में भी एक कार्रवाई लंबित : मनोज

उक्त मामले में बंसूला निवासी मनोज अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में सरपंच की दबंगई एवं आतंक के खिलाफ कलेक्टर एवं एसडीएम, जिला सीईओ के पास धारा 40 के तहत ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसमें अभी तक किसी प्रकार कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिससे सरपंच पति के हौसले बुलंद हैं. उक्त सरपंच द्वारा ही अटल आवास तोड़कर 200 बने हुए घर को वहां रह रहे लोगों को बेघर कर वहां के सारे छड़ एवं ईंट बेच दिए गए तथा सरकारी खाली जगह पर अवैध कब्जा कर मकान बना लिया. इस मामले पर शिकायत दर्ज कराई है.

शिकायत सही नहीं है : सरपंच प्रतिनिधि

इधर, बंसुला सरपंच रजनी साव के प्रतिनिधि जन्मजय साव ने बताया कि मनरेगा में उनके परिजनों ने कार्य किया तभी उनकी मजदूरी निकली है. शिकायतकर्ता बेवजह शिकायत कर रहे हैं.

टीम गठित, एक सप्ताह में होगी जांच : सीईओ

इधर, बसना जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सनद महादेवन ने बताया कि उक्त मामले की शिकायत मिली है. बिन्दुश: एक टीम गठित कर उसे जांच का जिम्मा सौंपा गया है. टीम एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट पेश करेगी उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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